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Galib ke shayari in Hindi || Galaib Ke Sher - Trdshayari

Galib ke shayari


मोहब्बत इश्क़ प्यार और ज़िन्दगानी के हर पहलू पर शेर शायरी और गज़ले तो यू ग़ालिब ने कही है मगर इश्क़ मोहब्बत का हुनर जो ग़ालिब ने हासिल किया था शायद वो कही और ना मिले
तो अगर आपको Galib Ki Shayari से अपने अतीत पर गुज़रे लम्हो को बयां करना हैं तो ग़ालिब से आप समझ सकते है

मिर्जा असदुल्लाह बेग ख़ान यानी महशूर ग़ालिब उर्दू शायरी के
वो बादशाह है जिनके बारे में दुनिया जानती है उनके परिचय का कोई मोहताज नही है ,27 दिसम्बर साल 1797 को ग़ालिब साहब का जन्म हुआ था और अपने जीवनकाल में उन्होंने काफी महशूर शेर शायरी गज़ले लिखी थी
जिसकी बदौलत उन्हें नाम और शौहरत दोनो मिली और हिंदी फिल्म जगत में भी उनके द्वारा शेर और ग़ज़लों को दर्शया गया
और देखते देखते ही वो पूरे विश्व मे एक पहचान बना गए

आज भी लोग मिर्ज़ा ग़ालिब और उनके द्वारा ग़ालिब की शायरी के दीवाने है और Evergreen Galib ke sher को आज के समय 2022 में लाखों लोग ग़ालिब के शेर शायरी को ढूंढ़ते है
और आप भी ग़ालिब के ग़ज़ल शेर शायरी के दीवाने है तो यह पोस्ट में हम आपके लिये Best 20+ Galib k Sher Shayari को आपके साथ साझा कर रहे हैं ।।


ग़ालिब की शायरी


ये चंद दिनों की दुनिया है ग़ालिब,
याहा पलको पर बैठाये जाते है

नजरो से गिराने के लिए ।।

Ye Chand Dino Ki Duniya Hai Galib,
Yaha Palko Par Betaya Jata Hai
Nazro Se Girane Ke Liye...✍️


ख़ुद को हम बरगद बनाकर छाँव
बाँटते रहे ज़माने को ,
और अपने ही मुझे हर रोज
थोड़ा थोड़ा काटते रहे ।।

Khud Ko Ham Bargad Banakar
Chaw Bantate Rahe Zamane Bhar Ko,
Aur Apne Hi Mujhe Har Roj
Thoda Thoda Kaatate Rahe... ✍️


लगता है जिंदगी आज भी हमसे कुछ खफा है,
चालिए छोड़ए ये कौन सी पहली दफा है ।।

Lagata Hai Zindagi aaj Bhi Hamse
Kuch Kafa Hai.,
Cahlye Chaodye Ye Kon Si
Pahale Dafa Hai... ✍️


तू मोहब्बत सी कोई चाल तो चल,
हार जाने का हौसला आज भी है हममे ।।

Tu Mohabbat Se Koi Chaal To Chal
Haar Jane Ka Hosla Aaj Bhi Hai Hamme... ✍️


मोहब्बत बुरी है ,या बुरी है मोहब्बत
बस यही कहे जा रहे है और करे जा रहे हैं ।।

Mohabbat Buri Hai Ya Buri Hai Mohabbat
Bas Yahhi Kahe Ja Rahe Hai Aur Kare Ja
Rahe Hai... ✍️


हमेशा से तो ना रहा होगा तू शख्त दिल
किसी ने तेरी मासूमियत से भी खेला होगा ।।
गुलज़ार...

Hamesha Se To Na Raha Hoga
Tu Shakth Dil,
Kise Ne Teri Masumiat se Bhi
Khela hoga.... ✍️


जब तलक दूर है तू तेरी परिसितस कर ले,
हम जिसे छू ना सके खुदा कहते है उसे ।।
अहमद फ़राज़...

Jab Talak Dur Hain Tu Teri Parisits Kar Le,
Ham Jise Chu Na Sake Khuda Kahte Hai Use..
AHMED FARAZ..


तू इधर उधर की बात ना कर
ये बता की काफिला क्यों लूटा,
मुझे राहजानो से गिला नही
तेरी रहबरी का सवाल हैं ।।

Tu Idhar Udhar Ki Baat Na Kar
Ye Bata Ki Kafila Kyu Luta,
Mujhe Rahjano Se Gila Nahi
Teri Rahbari Ka Sawal hai... ✍️


साहिल से सुना करते है लहरों की कहानी,
ये ठहरे हुए लोग बगावत नही करते ।।
खुर्शीद अकबर ...

Sahil Se Suna Karte Hai Lahero Ki Kahani
Ye Tahare Hue Loog Bagawat Nahi Karte
Mirza Galib sher



Ghalib ki Shayari 


इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया।
वर्ना हम भी आदमी थे काम के।।

Ishq Ne Galib Nikkma Kar Diya,
Varna Ham Bhi Aadami Kaam Ke The... ✍️


अगर लिखवाए कोई उस को खत
तो हम से लिखवाए
हुई सुब्ह और
घरसे कान पर रख कर कलम निकले..

Aagar Likhwaye Koi Ush Ko Khat,
To Ham Se Likhwaye,
Hue Shubah Aur Ghar se
kaan Par rakh kar kalam nikle... ✍️


आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे
ऐसा कहाँ से लाऊँ कि तुझ-सा कहें जिसे

Aayena Kyu Na Du Ki Tamasha Kahe Jise,
Aayena Kyu Na Du Ki Tamasha Kahe Jise,
Aisa Kaha Se Kaun Ki Tujsa sa Kahe Jise... ✍️


दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई
दोनों को इक अदा में रज़ामंद कर गई

Dil Se Teri Nigah Zingar Tak Utar Gye,
Dono Ko Ek Ada Me Razamand Kar Gye... ✍️


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ग़ालिब जुदाई शायरी-

गालिब की ऐसी जुदाई भरी शायराना जब भी कोई गम हो तो उसे बया करता है अपनो के पास होना बिछड़ना या जुदाई का एहसास होता है तो दिल मे एक दर्द भरा सुकून मिलता है आइये थोड़ा इन शेर शायरी से रूबरू होते है..


खुदा करे तेरी उम्र में गिने जाए वो दिन,
जो हमने तेरी हिज़ में गुजारे थे ।।

Khuda kare Teri Umar Me Gine Jaye Wo Din,
Jo Hamne Tere Hiz Me Gujare The.... ✍️
Ahmed Nadeem Kasami..


कदर वो हैं जो मौजूदगी में हो ,
बाद में होने वाले को पछतावा कहते हैं ।।

Kadar wo Hai jo Moujoodge Me Ho
Baad Me Hone Wale Ko Pachtawa
Kahate Haii... ✍️


अंधेरो से कह दो बचपन गुज़र गया हैं ,
अब तुजसे डर नही सुकून मिलता है ।।

Andhero Se kah Do Bachpan Guzar Gaya hai,
Ab Tujse Dar Nahi Sukun Milta Hai... ✍️


मोहब्बत मुक्कमल होती तो ये रोग कौन पालता,
आखिर अधुरे आशिक़ ही शायर हुआ करते हैं ।।

Mohabbat Mukammal Hoti To Ye Rog
Koun Palta,
Akhir Adhure Ashiq He Shayar
Hua Karte Hai... ✍️


मेरी दुनिया को
दुनिया से फुरशत नही ।।

Meri Duniya Ko,
Duniya Se Furshat Nahi... ✍️


Galib ke shayari Hindi On Love 


रोज सोचता हूं भूल जाओ उसे
मगर रोज भूल जाता हूं ।।

Roj Sochta Hu Bhul Jaou Use
Magar Roj Bhul Jata Hu... ✍️


बहुत भीड़ थी उनके दिल में,
खुद ना निकलते तो शायद निकाले जाते ।।

Bahut Bheed Thi Unke Dil Me
Khud Na Nikalte To shayad
Nikale jate... ✍️


सोचकर बाज़ार गए अपने कुछ आँशु बेचने,
हर खरीददार बोला अपनों ने दिए तोफे को
बेचा नही करते ।।

Sochkar Bazar Gaya Apne Kuch
Anshu Bechne,
Har Khareedar Bola Apno ne
Diye Tofe Becha Nahi Karte... ✍️


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